व्यापार

अमेरिका की गिरावट का असर भारत पर, स्टॉक मार्केट में भारी तबाही

AI को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता से शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, आईटी शेयरों में 6% तक की गिरावट, अमेरिकी बाजार से 90 लाख करोड़ रुपये साफ।

मुंबई. अमेरिका से उठी गिरावट की आंधी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता के बीच शुक्रवार को बाजार खुलते ही तेज गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

सेंसेक्स 772.19 अंक यानी 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 200.30 अंक यानी 0.78% गिरकर 25,606.90 पर पहुंच गया।

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

AI से पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका के कारण आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई।

  • इंफोसिस करीब 6% टूटा
  • टीसीएस में 5% से ज्यादा गिरावट
  • एचसीएल टेक 4.14% नीचे
  • टेक महिंद्रा में करीब 3% की कमजोरी

BSE के टॉप-30 में शामिल 24 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि सिर्फ 6 शेयरों में मामूली तेजी रही।

बाजार की चौड़ाई बेहद कमजोर

बीएसई में कुल 3,337 शेयरों में से

  • 847 में तेजी
  • 2,327 में गिरावट
  • 163 शेयर बिना बदलाव के रहे
  • इसके अलावा
  • 41 शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर
  • 106 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर
  • 55 शेयरों में लोअर सर्किट
  • 79 में अपर सर्किट लगा

अमेरिकी बाजार में भी भारी नुकसान

अमेरिकी बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग 90 लाख करोड़ रुपये) का मार्केट कैप साफ हो गया।

वॉल स्ट्रीट का हाल

  • डॉऊ जोंस: 669.42 अंक (1.34%) गिरकर 49,451.98
  • नैसडैक: 469.32 अंक (2.03%) टूटकर 22,597.15
  • S&P 500: 108.71 अंक (1.57%) गिरकर 6,832.76

किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर

AI के कारण भविष्य में मुनाफे पर दबाव की आशंका से

  • ट्रकिंग
  • लॉजिस्टिक्स
  • रियल एस्टेट
  • सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।

निवेशकों में क्यों बढ़ा डर

निवेशकों को आशंका है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कंपनियों की कमाई प्रभावित होगी। इसी डर ने वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल बना दिया है।

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