दुनिया

5. ईरान संकट पर बड़ा संकेत: US एयरक्राफ्ट की मौजूदगी, खामेनेई का कड़ा संदेश

USS अब्राहम लिंकन के मिडिल ईस्ट पहुंचने से ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ा, हिजबुल्लाह का समर्थन और लेबनान में विरोध के स्वर तेज।

वॉशिंगटन. अमेरिका का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln मिडिल ईस्ट पहुंच गया है। इस स्ट्राइक ग्रुप में तीन गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि इस तैनाती से ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य क्षमता और विकल्पों में इजाफा हुआ है। United States Central Command (सेंट्रल कमांड) के अनुसार, इस पोत को क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने और सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से भेजा गया है।

ईरान में प्रदर्शनकारियों के कथित दमन और हजारों लोगों की हत्या के आरोपों को लेकर अमेरिका का रुख आक्रामक बना हुआ है। वॉशिंगटन ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इसी तरह कार्रवाई करता रहा तो सैन्य दखल पर भी विचार किया जा सकता है।

ईरान की चुनौती, अमेरिका को बताया कमजोर

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन ने अमेरिका को खुली चुनौती दी है। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के बूते की बात नहीं है कि वह ईरान पर कोई “सरप्राइज अटैक” या निर्णायक हमला कर सके।

ईरान की Mehr News Agency के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि अमेरिका का यह आकलन पूरी तरह गलत है कि वह सीमित या नियंत्रित कार्रवाई कर सकता है। यदि ऐसे किसी कमजोर अनुमान के आधार पर हमला हुआ तो हालात अमेरिका के नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।

हिजबुल्लाह का ईरान समर्थन, लेबनान में मतभेद

इस बीच Hezbollah के नेता नईम कासिम ने ईरान के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने कोई कदम उठाया तो हिजबुल्लाह ईरान के साथ खड़ा रहेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा।

हालांकि इस बयान को लेकर लेबनान के भीतर ही मतभेद सामने आए हैं। काताएब पार्टी के नेता और सांसद सैमी गेमायेल ने कहा कि लेबनान को किसी युद्ध में झोंकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने हिजबुल्लाह के रुख को “सुसाइड जैसा कदम” बताते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी को ईरान के लिए लड़ना है तो लेबनान को दांव पर न लगाया जाए।

ईरान सरकार के कमजोर होने के दावे

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के करीबी सूत्रों का दावा है कि कई रिपोर्ट्स में संकेत मिले हैं कि ईरान की सरकार आंतरिक रूप से कमजोर पड़ रही है। हालांकि, इस दावे पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button