
कटिहार. जिले में पशुपालकों के लिए एक नई पहल की गई है। अब भैंस पालन पर अनुदान दिया जाएगा। समग्र भैंस पालन योजना के तहत कटिहार जिले को 39 भैंस पालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक भैंस की अनुमानित लागत 1.21 लाख रुपये तय की गई है, जिस पर श्रेणी के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। यह योजना जिले में पहली बार लागू की गई है।
पशु पालन विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पशु पालन विभाग को सौंपी गई है। जिला गव्य पदाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि चयनित पशुपालकों को विभाग द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से उन्नत मुर्रा नस्ल की दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएगी।
मुर्रा नस्ल से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन
मुर्रा नस्ल की भैंस प्रतिदिन 12 से 16 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। इसके माध्यम से जिले के कुल दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। साथ ही दूध की गुणवत्ता और वसा प्रतिशत बेहतर होने से बाजार में इसकी मांग भी अधिक रहती है।
वर्गवार लक्ष्य और अनुदान का प्रावधान
निर्धारित लक्ष्य के तहत भैंसों का वर्गवार वितरण इस प्रकार है—
- सामान्य वर्ग: 25
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): 5
- अनुसूचित जाति (SC): 4
- अनुसूचित जनजाति (ST): 5
योजना के अंतर्गत
- सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50% अनुदान
- SC, ST और EBC वर्ग के पशुपालकों को 75% तक अनुदान दिया जाएगा।
रोजगार और आय बढ़ाने पर फोकस
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होने के कारण इसकी बाजार मांग स्थिर रहती है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी और उन्हें स्थायी आजीविका का साधन मिलेगा।
एक भैंस की कीमत और अनुदान राशि
- समग्र भैंस पालन योजना के तहत—
- एक दुधारू भैंस की कीमत: ₹1.21 लाख
- EBC, SC और ST वर्ग: 75% तक अनुदान (अधिकतम ₹90,750)
- सामान्य वर्ग: 50% अनुदान (अधिकतम ₹60,500)




