धर्म
वास्तु का सच: खाली बाल्टी से क्यों बिगड़ती है घर की ऊर्जा?
वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम में खाली बाल्टी रखना अशुभ माना जाता है। जानें खाली बाल्टी का असर, सही रंग और वास्तु के जरूरी उपाय।

अक्सर हम घर की सजावट और मुख्य कमरों के वास्तु पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी अहम जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सीधा संबंध आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से होता है। कई बार अनजाने में बाथरूम में खाली बाल्टी छोड़ दी जाती है, जिसे वास्तु में बड़ा दोष माना गया है। यह छोटी-सी लापरवाही घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती है।
खाली बाल्टी क्यों मानी जाती है अशुभ?
वास्तु विज्ञान में पानी को समृद्धि और ऊर्जा के प्रवाह का प्रतीक माना गया है। बाथरूम में खाली बाल्टी रखना अभाव और ठहराव का संकेत देता है। विशेषज्ञों के अनुसार:
- खाली बाल्टी सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है
- यह आर्थिक अस्थिरता का संकेत बन सकती है
- रात के समय खाली बाल्टी छोड़ने से तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं
- ज्योतिषीय दृष्टि से भी जल का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, और खाली बर्तन मानसिक अशांति को बढ़ावा दे सकते हैं।
बाल्टी का रंग और स्थिति भी है अहम
केवल बाल्टी का भरा होना ही नहीं, उसका रंग और हालत भी मायने रखती है—
- नीला रंग शुभ: वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सबसे शुभ माना गया है। यह जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और बाथरूम में रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम माने जाते हैं।
- साफ-सुथरी बाल्टी रखें: टूटी, बहुत पुरानी या गंदी बाल्टी को अशुभ माना जाता है। ऐसी बाल्टी दरिद्रता और नकारात्मकता को आमंत्रित कर सकती है।
वास्तु के अनुसार क्या करें?
- बाथरूम में बाल्टी हमेशा पानी से भरी रखें
- नीले या हल्के रंग की बाल्टी का उपयोग करें
- टूटी या गंदी बाल्टी को तुरंत बदलें
रात में सोने से पहले बाथरूम की स्थिति जांच लें
छोटी-छोटी आदतें ही वास्तु संतुलन बनाती हैं। बाथरूम में खाली बाल्टी से बचकर आप घर में सकारात्मकता, शांति और आर्थिक स्थिरता बनाए रख सकते हैं।




