कानून का अपमान: शराब पीने से मना किया तो ट्रैफिक पुलिस पर हमला, पुलिस चौकी भी रही बेबस
इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में शराब पी रहे ड्राइवर-क्लीनर ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर हमला किया। सिर फूटने के बाद भी थाने में मदद नहीं मिली। बाद में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपितों को हिरासत में लिया।

इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित बिचौली अंडरपास में ड्यूटी पर तैनात एक यातायात पुलिसकर्मी पर शराब पी रहे ड्राइवर और क्लीनर ने हमला कर दिया। आरोप है कि शराब पीने से रोकने पर दोनों ने पुलिसकर्मी के सिर पर पत्थर मार दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। पीड़ित पुलिसकर्मी जब मदद के लिए थाने पहुंचा, तो वहां भी उसे तत्काल सहायता नहीं मिली।
बिचौली अंडरपास पर तैनात था बल
यातायात पुलिसकर्मी अनुराग शर्मा के अनुसार, बिचौली अंडर ब्रिज पर स्कीम-140 क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए बल तैनात किया गया था। इसी दौरान एक चारपहिया वाहन में सवार दो लोग शराब पीते मिले। उन्हें रोककर वायरलेस के जरिए सूचना देने के लिए आरक्षक विष्णु भदौरिया को बुलाया गया।
मालिक के बुलाने के बहाने टालने की कोशिश
अनुराग शर्मा ने बताया कि ड्राइवर ने हाथ जोड़कर कहा कि वाहन मालिक पास में ही रहते हैं और उन्हें बुला लेता है। कुछ देर बाद मालिक मौके पर पहुंचा और ड्राइवर-क्लीनर को वहां से भगा दिया। इसके बाद वह अपशब्द कहने लगा। पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ा, लेकिन छोड़ने के बाद आरोपी पीछे से आया और सिर पर पत्थर मारकर फरार हो गया।
थाने में खून बहता रहा, मदद नहीं मिली
हमले के बाद घायल पुलिसकर्मी कनाड़िया थाने पहुंचा। उसका आरोप है कि वह करीब पांच मिनट तक थाने में बैठा रहा, सिर से खून फर्श पर टपकता रहा, लेकिन किसी पुलिसकर्मी ने मदद नहीं की। निराश होकर वह स्वयं इलाज करवाने के बाद घर लौट गया।
पुलिस का पक्ष: एफआईआर दर्ज, आरोपी हिरासत में
इस मामले में यातायात डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी मौके पर शराब पी रहे थे। ट्रैफिक कर्मचारी ने उन्हें रोका, जिस पर विवाद हुआ।
पुलिस के अनुसार, आरोपित ड्राइवर और वाहन मालिक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इंदौर पुलिस का कहना है कि घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया गया है।




