पानी पर इलाज: नर्मदा नदी में तैरते अस्पताल, नदी एम्बुलेंस नेटवर्क होगा मजबूत
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर फ्लोटिंग अस्पताल शुरू होंगे और नदी एम्बुलेंस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों, परिक्रमावासियों और स्थानीय लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

भोपाल. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर जल्द ही फ्लोटिंग अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही नदी एम्बुलेंस सेवा का विस्तार भी किया जाएगा। इस पहल से घाटों पर आने वाले तीर्थयात्रियों, नर्मदा परिक्रमा करने वालों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
तीन जिलों में पहले से संचालित है नदी एम्बुलेंस
वर्तमान में आलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में नदी किनारे बसे लोगों को चिकित्सीय सुविधाएं देने के लिए नदी एम्बुलेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। ये एम्बुलेंस आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाएं और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में प्रभावी साबित हो रही हैं।
आदिवासी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अहम पहल
यह योजना विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित और दूरदराज के आदिवासी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां तक पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रहती है। फ्लोटिंग अस्पतालों से नदी किनारे बसे गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
योग-वेलनेस टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा
नर्मदा घाटों पर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ वेलनेस और योग टूरिज्म को प्रोत्साहित करने की योजना भी है। इसके तहत प्रमुख घाटों पर योग और ध्यान केंद्रों के साथ पार्कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
नर्मदा घाटों पर रोजाना 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालु
नर्मदा नदी के कुल 861 घाटों पर प्रतिदिन लगभग 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालु, पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचते हैं।
- 396 सूक्ष्म आकार के घाटों पर: 1.08 लाख से अधिक
- 338 मध्यम आकार के घाटों पर: 95 हजार
- 116 वृहद आकार के घाटों पर: 65 हजार से अधिक श्रद्धालु आते हैं।




