मध्य प्रदेश

दिव्यांग बच्चों के लिए खुशखबरी, पहचान और पंजीकरण को जिले में विशेष अभियान

भोपाल: दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए जिले-जिले में स्क्रीनिंग कैम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग 40% या अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों को प्रमाण-पत्र देगा, एक माह में पूरा होगा अभियान।

भोपाल. दिव्यांग बच्चों की पहचान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान करेगा।

कोई भी बच्चा लाभ से वंचित न रहे: सोनाली वायंगणकर

प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “कोई भी दिव्यांग बच्चा चिन्हांकन और लाभ से वंचित न रहे”—इसी उद्देश्य के तहत प्रत्येक दिव्यांग बच्चे की पहचान, स्क्रीनिंग और प्रमाणन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

सभी जिलों को निर्देश, एक माह में होंगे कैम्प

प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स को आगामी एक माह के भीतर स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन शिविरों के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभाग समन्वित प्रयास करेंगे।

कई विभाग मिलकर करेंगे आयोजन

स्क्रीनिंग कैम्प के आयोजन में निम्न विभागों की सक्रिय भागीदारी रहेगी—

  • विधिक सेवा प्राधिकरण
  • स्वास्थ्य विभाग
  • महिला एवं बाल विकास विभाग
  • स्कूल शिक्षा विभाग

सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि कैम्प की तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

माइक्रो प्लानिंग की जानकारी भेजना अनिवार्य

प्रत्येक जिला अपनी माइक्रो प्लानिंग की विस्तृत जानकारी सामाजिक न्याय विभाग के साथ-साथ उच्च न्यायालय जबलपुर के रजिस्ट्रार/सचिव, जुवेनाइल जस्टिस कमेटी को भी भेजेगा। इससे अभियान की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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