जब बाजार अस्थिर, तब कीमती धातुएं चमकीं: सोना-चांदी पर दांव जारी
2025 में चांदी ने सोने को पछाड़ा—137% की रैली बनाम सोने का 68% उछाल। MCX पर नए रिकॉर्ड, 2026 के लिए चांदी और सोने का आउटलुक जानें।

मुंबई. दुनिया में सालभर अनिश्चितताओं के बीच कीमती धातुओं—सोना और चांदी—ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। खास बात यह रही कि चांदी ने सबको चौंकाते हुए सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया। 2025 में चांदी की कीमतों में 137% से ज्यादा की उछाल दर्ज हुई, जबकि सोना करीब 68% चढ़ा।
सुरक्षित निवेश की तलाश में चमकी कीमती धातुएं
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़े। इस माहौल में सोना और चांदी पसंदीदा बने—लेकिन चांदी सबसे आगे रही।
सोने की तेजी के बड़े कारण
सोने में मजबूती के पीछे कई कारक रहे—
- भू-राजनीतिक तनाव
- महंगाई की चिंताएं
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
- इन वजहों से निवेशकों ने सोने में हिस्सेदारी बढ़ाई।
केंद्रीय बैंकों की खरीद से मिला सहारा
सोने की कीमतों को केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद का भी बड़ा समर्थन मिला। लगातार तीन वर्षों—2022, 2023 और 2024—में केंद्रीय बैंकों ने हर साल 1,000 टन से अधिक सोना खरीदा। साथ ही, गोल्ड ETF के जरिए भी निवेश बढ़ा।
बड़े बैंकों का बुलिश आउटलुक
- दुनिया के प्रमुख बैंक सोने को लेकर सकारात्मक हैं।
- Goldman Sachs का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
- Deutsche Bank के मुताबिक 2026 में सोना 4,450 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।
चांदी की रैली: उद्योगों की मांग ने बढ़ाई चमक
चांदी की तेजी सिर्फ सुरक्षित निवेश तक सीमित नहीं रही। सोलर पावर, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स में मजबूत औद्योगिक मांग ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। साथ ही, सीमित आपूर्ति ने कीमतों को और धक्का दिया—यही वजह है कि 2025 में चांदी ने सोने से दोगुना रिटर्न दिया।
2026 का आउटलुक: चांदी में और दम
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में भी चांदी की तेजी बनी रह सकती है। मजबूत मांग और सप्लाई कंस्ट्रेंट्स के चलते कीमतों में 15–20% तक और बढ़ोतरी संभव है।
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 के पहले छह महीनों में ही चांदी 20–25% तक का अतिरिक्त रिटर्न दे सकती है—हालांकि वे गिरावट पर चरणबद्ध निवेश की सलाह देते हैं।
सोने का भविष्य भी मजबूत
2026 के लिए सोने का आउटलुक भी सकारात्मक है। केंद्रीय बैंकों की खरीद, अमेरिका में संभावित दर कटौती और वैश्विक अनिश्चितताएं सोने को सहारा दे सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों की गतिविधियों पर नजर कीमतों के संकेत देती रहेगी।
MCX पर नए रिकॉर्ड
- बुधवार सुबह के सत्र में MCX पर सोना-चांदी दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए।
- फरवरी डिलीवरी वाला सोना: ₹1,38,676 प्रति 10 ग्राम
- मार्च डिलीवरी वाली चांदी: ₹2,24,430 प्रति किलोग्राम
- कमजोर डॉलर और यूएस फेड की दर कटौती की उम्मीद से कीमतों को बल मिला।
वैश्विक बाजार में भी ऐतिहासिक स्तर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका अगले साल ब्याज दरें और घटा सकता है—इसीलिए सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बनी हुई है।




